केरियर गाइडेन्स कार्यशाला
अ.भा. माहेश्वरी महासभा ने उद्देश्य पूर्ति हेतु विभिन्न प्रकोष्ठों का गठन करती है, जिसके माध्यम से समाज का सर्वोगीण विकास हो। इन प्रकोष्ठों में पूरे देश से सम्बन्धित क्षेत्रों की सेवाएं लेने का प्रयास किया जाता है। प्रमुख प्रकोष्ठ निम्न है :-
माहेश्वरी पत्रिका - महासभा के विचारों, कार्यों, नीतियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुँचना समय की आवद्गयकता है। समाज को प्रबुद्ध करने का भी यह सद्गाक्त माध्यम है। महासभा की स्थापना से ही इस पत्रिका का प्रकाद्गान प्रारम्भ हुआ जो बीच में व्यवधानों के कारण कई बार रूका, फिर प्रारम्भ हुआ। अब यह पत्रिका नियमित रूप से नागपुर (विदर्भ) से प्रकाद्गिात हो रही है। यह महासभा का मुखपत्र है। इसमें व्यक्त विचार एवं समाचार समाज एवं संगठन की भावनाओं, नीतियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रतिबिम्ब हो, ऐसा प्रयास है। प्रत्येक परिवार में यह पत्रिका पहुँचे, इसके कलेवर शुल्क एवं सामग्री प्रकाद्गान का निर्णय लिया जा रहा है।
पत्रिका संचालन हेतु 5 सदस्यों का संचालक मण्डल महासभा कार्यसमिति द्वारा गठित किया जाता है, जिसमें एक अध्यक्ष, एक संचालक एवं शेष तीन सदस्य होते हैं। वर्तमान में निम्न महानुभावों का संचालन मण्डल है।
माहेश्वरी पत्रिका का पता निम्न है :-
केरियर गाइडेन्स प्रकोष्ठ - वैश्वीकरण एवं प्रतिस्पर्द्धा ने सारे संसार को छोटा बना दिया है। उपभोक्तावादी संस्कृति से नित नये अविष्कार एवं खोजे हो रही है। कार्य करने के नित नये अवसर पैदा हो रहें हैं। परिवर्तित परिस्थितियों के अनुसार शैक्षिक क्षेत्र में भी प्रत्येक विषय की नई-नई शाखाओं का जन्म हो, रोजगार के नये अवसर पैदा हो रहें है। इनकी जानकारी होना प्रत्येक विद्यार्थी एवं बालक के लिये आवश्यक है। केवल जानकारी प्राप्त कर लेना ही सब कुछ नहीं है, अपितु उन पाठ्यक्रमों हेतु योग्यता, क्षमता, रूचि, कौशल आदि की जानकारी होना भी जरूरी है। यह आवश्यक है कि बालकों को यह भी जानकारी हो सके कि इन पाठ्यक्रमों की शिक्षा कहां उपलब्ध है, इसके लिए कितना खर्चा होता है, आदि। इस हेतु महासभा ''केरियर गाइडेंस'' प्रकोष्ठ का गठन करती है। वर्तमान में इस प्रकोष्ठ को निम्न महानुभावों की सेवाएं उपलब्ध हो रही है।
केरियर गाइडेन्स कार्यशाला - कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों हेतु भावी शिक्षा में विषय एवं फैकल्टी चयन हेतु दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जावे। इन शिविरों में बालक के साथ यदि उनके अभिभावक भी उपस्थित रहते हैं, तो शिविर का अधिक लाभ मिलेगा। वर्तमान समय में ऐसी कार्यशालाओं से बालकों को अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है।
प्रोफेशनल कार्यशाला - तकनीकी, व्यवसायिक या उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को नये व्यवसायों, सेवा क्षेत्रों तथा उनकी आवश्यकता की जानकारी इन कार्यशालाओं के द्वारा दी जाती है। छोटे राज्यों में राज्य स्तर पर एक तथा बड़े राज्यों में संभाग अथवा जिला स्तर पर ऐसे आयोजन वर्ष में एक बार अवश्य ही किये जावे।
कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण शिविर - संगठन की योजनाओं, कार्यक्रमों की जानकारियां आमजन तक पहुंचाई जाने तथा उनका लाभ उन्हें मिले, संगठन सशक्त एवं क्रियाशील रहें, पारस्परिक सौहार्द में वृद्धि हो, सहकार की भावना बढे। इस दृष्टि से प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियों की आवश्यकता है। छोटे प्रदेश में वर्ष में एक बार तथा बडे प्रदेशों में संभाग अथवा जिला स्तर पर इन शिविरों का आयोजन किया जाना है।